Brief Description
अ.हृ.उ.३५/२४-३२
अञ्जनं तगरं कुष्ठं हरितालं मनःशिला| फलानी त्रिकटु स्पृक्का नागपुष्पं सकेसरम्||२४||
हरेणुर्मधुकं मांसी रोचना काकमालिका | श्रीवेष्टकं सर्जरसः शताह्वा कुङ्कुमं बला||२५||
तमालपत्रतालीसभूर्जोशीरनिशाद्वयम् | कन्योपवासिनी स्नाता शुक्लवासा मधुद्रुतैः||२६||
द्विजानभ्यर्च्य तैः पुष्ये कल्पयेदगदोत्तमम् | वैद्यश्चात्र तदा मन्त्रं प्रयतात्मा पठेदिमम्||२७||
नमः पुरुषसिंहाय नमो नारायणाय च|
यथाऽसौ नाभिजानाति रणे कृष्णपराजयम्||२८||
एतेन सत्यवाक्येन अगदो मे प्रसिध्यतु|
नमो वैदूर्यमाते हुलुहुलु रक्ष मां सर्वविषेभ्यः||२९||
गौरि गान्धारि चाण्डालि मातङ्गि स्वाहा|
पिष्टे च द्वितीयो मन्त्रः हरिमायि स्वाहा||३०||
अशेषविषवेतालग्रहकार्मणपाप्मसु|
मरकव्याधिदुर्भिक्षयुद्धाशनिभयेषु च||३१||
पाननस्याञ्जनालेपमणिबन्धादियोजितः|
एष चन्द्रोदयो नाम शान्तिस्वस्त्ययनं परम्||३२||
वासवो वृत्रमवधीत्समालिप्तः किलामुना|
स०- अञ्जनादीनि द्रव्याणि| कन्या कृतोपवासा स्नाताशुक्लवस्त्रा तैः पूर्वोक्तैर्द्रव्यैः, माक्षिकसिक्तैः पुष्यनक्षत्रे विप्रान् पूजयित्वाऽनन्तरमगदवरमिमं कल्पयेत्| वैद्यश्च समीपस्थो मन्त्रं नम इत्यादिकं पठेत्| पिष्टे चागदे द्वितीयो मन्त्रो हरिमाय्यादिकोऽत्र योज्यः| निखिलेषु विषादिषु पानादिमणिबन्धादि योजितोऽयं चन्द्रोदयो नामागदः परं शान्तं(न्ति) स्वस्त्ययनम्|
| Sl.No | Raw Material | Variant | Ratio | Quantity Required for 1000g | Unit |
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| Rasa | |
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| Guna | |
| Veerya | Ushna veerya |
| Vipaka | Madhura |
| Prabhava | |
| Anupanam | modal-content |
| Sl.No. | Disease Factor | Name of the combination | Form of the combination | Reference | Combination products | Procedure |
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| Disease Factors |
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| Type | Operator | Value | Unit | Frequency | Duration | Comment |
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