Brief Description
यो.चि.म/७
फलत्रिकोशीरविडङ्गदन्ती पुनर्नवाम्भोधरवह्निविश्वा । रास्नामृता भीरु सुराह्वदार्वीसग्रन्थिकैलाभकणा पलांशैः॥
द्रोणाम्भसा गुग्गुलुतुल्यभागैः अर्धशृतैः सूक्ष्मपटान्तपूतैः । भूय शृतैरङ्गुलिधेयरूपो लेहः सुशीतो भुवि भाजनस्थम् ॥
सुचूर्णितैस्त्र्यूषणजन्तुहन्त्री छिन्नोद्भवादार्व्यभयात्रिजातैः। त्रिवृत्समैरक्षमितैर्विचूर्ण्य निधाय गुप्तं यवधान्यपूते ॥
मासे स्थितं प्राश्य शुभेह्नि सिद्धः प्रयान्निरोगं रुजतां मनुष्यः । शोफोदरौ प्लीहरुजां विकाराः नाडीवृणार्शोग्रहणीप्रदोषैः॥
सवातरक्तैः सकलैश्च कुष्ठैः विमुच्यते पाण्डुगदैश्चघोरैः। प्रभञ्जनो रोगमहातरूणां विवर्धनो वर्णबलायुषां च ॥
नासाध्यमस्तीति विकारजातं ख्यातस्तु एषो भुवि सिंहनादः ॥
| Sl.No | Raw Material | Variant | Ratio | Quantity Required for 1000g | Unit |
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| Rasa | |
|---|---|
| Guna | |
| Veerya | Ushna veerya |
| Vipaka | Madhura |
| Prabhava | |
| Anupanam | modal-content |
| Sl.No. | Disease Factor | Name of the combination | Form of the combination | Reference | Combination products | Procedure |
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| Disease Factors |
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| Type | Operator | Value | Unit | Frequency | Duration | Comment |
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