पक्व तिन्तिडीक फलमज्जा / पक्व अम्लिका फलमज्जा - Pakva Tintidika Phalamajja / Pakva Amlika Phalamajja
Scientific Name: Tamarindus indica
Hindi Name: पक्व इमली फल कि गुद्दी - Pakva Imali phal ki Guddi
English Name: Ripen Tamarind fruit pulp
Category: Plant Parts
Sub-Category: फलमज्जा - Phalamajja - Fruit pulp
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Brief Description
Famous indian sour spice which is used to treat Gastro intestinal diseases, liver diseases as well as Vataja Diseases .
अभिधानमञ्जरी शूकधान्यादिवर्ग - ५. शाकवर्ग
लोणिका
लोणीका लोणारश्चुक्रोऽम्लीका च चुक्रिका चिञ्चा |
काम्लाऽम्लिका च शुक्ता सुतिक्तिटा लोणिका ज्ञेया ||८०९||
मदनादिगणवर्ग - ३०. न्यग्रोधादिवर्ग
वृक्षाम्लः कृष्णाम्लश्चिञ्चा चारामसाम्लिका साम्ला |
बहुपत्रिकाम्लपत्री विषघ्निका तिन्त्रिणीका च |
शाकाम्लोऽम्लोऽम्लशाकश्च रक्तपूरो महारुहः |
महाम्लकोऽम्लराजः स्याच्छब्दैः पर्यायवाचकैः ||३६८||
अभिधानरत्नमाला - २. अम्लस्कन्ध
वृक्षाम्लं तिन्त्रिणी चिञ्चा चुक्रिकातिन्त्रिणीफला | बहुपुत्रा घनच्छाया कुशाम्लोऽम्लदलश्च सः ||१४||
चिञ्चाम्लिका तिन्त्रिणिका जीवन्ती रक्तपूरकः ||१७||
अमरकोश द्वितीयकाण्ड - १. वनौषधिवर्ग
गर्दभाण्डे कन्दरालकपीतनसुपार्श्वकाः | प्लक्षश्च तिन्तिडी चिञ्चाम्ब्लिकाथो पीतसालके ||४३||
कैयदेवनिघण्टु - १. ओषधिवर्ग
चिञ्चाम्लोम्लान्तिकी बीत शुक्ता चण्डा च चुक्रिका | अम्ला स्तम्भैनिका चुक्रा तिन्तिडी तिन्त्रिणी तथा ||३६३||
चिञ्चाम्लोष्णा गुरुर्वातहरी पित्तकफास्रदा |
तिन्तिणीकुसुमं स्वादु कषायाम्लं रुचिप्रदम् ||३६४|| कफमारुतमेहघ्नं विशदं दीपनं लघु |
तिन्तिडीकफलं बालमसृक्पित्तबलासकृत् ||३६५||
ग्राह्युष्णं दीपनं रुच्यं मध्यमं कफवातनुत् |
तद्वत् पक्वा सरा रूक्षा रुच्याग्निवस्तिशुद्धिकृत् ||३६६||
हृद्या कफघ्नी शुष्कैवं तृट्क्लमश्रमजिल्लघुः |
वातश्लेष्मकरं ज्ञेयं नवं तिन्तिडिकाफलम् ||३६७||
सम्वत्सरस्थितं तत्तु पित्तघ्नमनिलापहम् |३६८|
द्रव्यगुणसङ्ग्रह - ५. फलवर्ग
वातापहं तिन्तिडीकमामं पित्तबलाशकृत् | ग्राह्युष्णं दीपनं रुच्यं सम्पक्वं कफवातनुत् ||१२||
द्रव्यगुणसङ्ग्रहटीका व्याख्या (श्रीशिवदाससेन कृत)
तिन्तिडीकगुणानाह– वातापहमित्यादि| तिन्तिडीकं महार्द्रकं, न तु तिन्तिडीफलं, चरके सुश्रुते च पृथगेवाम्लिकायाः फलमित्यादिना तद्गुणपाठात्; पुरुषोत्तमस्तु तिन्तिडीफलमम्लिकायाः फलमिति भ्रान्त्या महार्द्रकगुणं पृथगेव पठति, तत्पुनर्विरोधोज्जृम्भितम्||१२||
धन्वन्तरिनिघण्टु - ५. आम्रादिवर्ग
अम्लिका चुक्रिका चुक्रा साम्ला शुक्ताऽथ शुक्तिका | अम्लिका चिञ्चिका चिञ्चा तिन्तिडीका सुतित्तिडी ||३३||
अम्लिकायाः फलं चाम्लमत्यन्तं पित्तकृल्लघु | रक्तकृद्वातशमनं बस्तिशुद्धिकरं परम् ||३४||
पक्वं तु मधुराम्लं च भेदि विष्टम्भि वातजित् | त्वक्भस्मस्यात्कषायोष्णं कफघ्नं त्वनिलापहम् ||३५||
निघण्टुशेष - १. वृक्षकाण्ड
अम्लीकायां चुक्रिकाऽम्ला शुक्तिका चाम्लिकाऽम्ब्लिका | चुक्रा चिञ्चा तिन्तिडीका तिन्तिला गुडपुष्पिका ||५६||
निघण्टुशेषटीका व्याख्या (श्रीवल्लभगणि कृत)
अम्ल्येव अम्लीका, तस्याम्| चुक्रैव चुक्रिका| “चुक्रन्ते-व्यथन्तेऽस्याः चुक्रिका इति क्षीरस्वामी| अमति अम्ला, “शा-मा-श्या-शक्यम्व्यमिभ्यो लः” [हैमोणादिसू. ४६२] इति लः’ अम्लत्वाद्वा अम्ला| शुक्तम्-अम्लविशेषः तान्तोऽयम्, स विद्यतेऽस्याः शुक्तिका, “अतोऽनेकस्वरात्” [सिद्ध. ७.२.६] इति कः| अम्लैव अम्लिका| अम्ब्ला एव अम्ब्लिका| “चकि तृप्ति-प्रतीघातयोः” चकते अनया चुक्रा, “चकि-रमि-विकसेरुच्चास्य” [हैमोणादिसू. ३९३] इति रः प्रत्ययोऽकारस्य चोकारः; चुक्रः– अम्लो रसः, स विद्यतेऽस्या वा, अभ्रादित्वादः| चिञ्चिमायते अम्लत्वान्मुखं ययाऽसौ चिञ्चा, पृषोदरादित्वात् साधुः| “तिम तीम ष्टिम ष्टीमच् आर्द्रभावे” तिम्यति तिन्तिडीका, “सृणीका-ऽस्तीक-प्रतीक-” [हैमोणादिसू. ५०] इतीके निपातनात् तिमेर्धतोस्तिड् अन्तो भवति| केचित् पूर्वस्य इत्वं नेच्छन्ति तन्मते तिन्तडीका| तिम्यति तिन्तिडा, “बिहड-कहोड-” [हैमोणादिसू. १७२] इति अडे निपात्यते, ऋफिडादित्वाल्लत्वे तिन्तिला| गुड इव पुष्पाण्यस्या गुडपुष्पिका| आह च–
अम्लीका चुक्रिका चुक्रा साऽम्ला शुक्ताऽथ शक्तिका| अम्लिका चाम्ब्लिका चिञ्चा तिन्तिडीका च तिन्तिला|| इति|
एतस्या लोके आम्बिली इति प्रसिद्धिः||५६||
भावप्रकाश-पूर्वखण्ड-मिश्रप्रकरण - ७. आम्रादिफलवर्ग
अम्लिका चुक्रिकाम्ली च चुक्रा दन्तशठापि च | अम्ला च चिञ्चिका चिञ्चा तिन्तिडीका च तिन्तिडी ||११६||
अम्लिकाऽम्ला गुरुर्वातहरी पित्तकफास्रकृत् | पक्वा तु दीपनी रूक्षा सरोष्णा कफवातनुत् ||११७||
मदनपालनिघण्टु - ६. फलादिवर्ग
अम्लिका चुक्रिका चिञ्चा तिन्तिडी शुक्तिचन्द्रिका | अम्लिकाऽऽमा गुरुर्वातहरा पित्तकफास्रजित् ||८६||
पक्वा तद्वत्सरा रुच्या वह्निबस्ति विशुद्धिकृत् | शुष्का हृद्या श्रमभ्रान्तितृष्णाक्लमहरा लघुः ||८७||
राजनिघण्टु - ११. आम्रादिवर्ग
चिञ्चा तु चुक्रिका चुक्रा साम्लिका शाकचुक्रिका | अम्ली सुतिन्तिडी चाम्ला चुक्रिका च नवाभिधा ||१६२||
चिञ्चाऽत्यम्ला भवेदामा पक्वा तु मधुराम्लिका | वातघ्नी पित्तदाहास्रकफदोषप्रकोपणी ||१६३||
अम्लिकायाः फलं त्वाममत्यम्लं लघु पित्तकृत् | पक्वं तु मधुराम्लं स्याद्भेदि विष्टम्भवातजित् ||१६४||
पक्वचिञ्चाफलरसो मधुराम्लो रुचिप्रदः | शोफपाककरो लेपाद्व्रणदोषविनाशनः ||१६५||
चिञ्चापत्रञ्च शोफघ्नं रक्तदोषव्यथापहम् | तस्याः शुष्कत्वचाक्षारं शूलमन्दाग्निनाशनम् ||१६६||
सरस्वतीनिघण्टु - १. महावृक्षवर्ग
वृक्षाम्लस्तिन्तिडी चिञ्चा विषघ्नो रक्तपूरकम् ||६|| अम्लपूरञ्चशाकाम्लः पुष्पाम्लश्चाम्लपत्रिका |७|
शोढल निघण्टु नामसङ्ग्रह (प्रथम भाग) - ५. आम्रादिवर्ग
अम्लिकायां तु चुक्रा च चुक्रिका शुक्तिका तथा | अम्लिकाऽम्ला च शुक्ता च चिञ्चा तिन्तिडिका तथा ||५६९||
Tartaric acid
Serine
Beta alanine
Proline
Pipecolinic acid
Phenylalanine
Tamarindienal
| Sl.No | Raw Material | Variant | Ratio | Quantity Required for 1000g | Unit |
|---|
| Rasa | मधुर - Madhura - Sweet अम्ल - Amla - Sour |
|---|---|
| Guna | लघु गुणम् - Laghu Gunam - Drug property which induces lightness to body रूक्ष गुणम् - Ruksha Gunam - Drug action which imparts dryness सर गुण - Saraguna - Drug action which imparts movement उष्णं गुणम् - Ushna Gunam - Drug action which imparts heat |
| Veerya | Ushna veerya |
| Vipaka | Amla |
| Prabhava | हिक्का - Hikka - Hiccough |
| Anupanam | रोगोपशमन अनुपानम् - Anupana according to the diseases. | modal-content
| Sl.No. | Disease Factor | Name of the combination | Form of the combination | Reference | Combination products | Procedure |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | अल्पाग्नि / मन्दाग्नि / अग्निमान्द्यम् / अग्निसादम् - Alpagni / Mandagni / Agnimandyam / Agnisadam - Spectrum of diseases with reduced appetite, digestion and assimilation | मण्डूकपर्णी / ब्राह्मी - 1 पञ्चाङ्गम् - Mandukaparni / Brahmi - 1 Panchangam | फलमज्जा - Phalamajja - Fruit pulp | निघण्टु ग्रन्थाणि - Nighantu Granthani | ||
| 2 | दीपनम् - Deepanam - Eupeptic / Appetizer / stomachic / Metabolic rate accelerator | मण्डूकपर्णी / ब्राह्मी - 1 पञ्चाङ्गम् - Mandukaparni / Brahmi - 1 Panchangam | फलमज्जा - Phalamajja - Fruit pulp | निघण्टु ग्रन्थाणि - Nighantu Granthani | ||
| 3 | रुच्यम् / रुचिकारक / रुचिवर्धनम् - Ruchyam / Ruchikarakam / Ruchivardhanam | मण्डूकपर्णी / ब्राह्मी - 1 पञ्चाङ्गम् - Mandukaparni / Brahmi - 1 Panchangam | फलमज्जा - Phalamajja - Fruit pulp | निघण्टु ग्रन्थाणि - Nighantu Granthani | ||
| 4 | मूत्रल/मूत्रविरेचक / वस्तिशोधनम् - Mutrala / Mutravirechaka / Vastishodhana - Diuretic) | मण्डूकपर्णी / ब्राह्मी - 1 पञ्चाङ्गम् - Mandukaparni / Brahmi - 1 Panchangam | फलमज्जा - Phalamajja - Fruit pulp | निघण्टु ग्रन्थाणि - Nighantu Granthani | ||
| 5 | हृद्यम् - Hrudyam - Cardiotonic Action - Cardiotonic are drugs used to increase the efficiency and improve the contraction of the heart muscle, which leads to improved blood flow to all tissues of the body. | मण्डूकपर्णी / ब्राह्मी - 1 पञ्चाङ्गम् - Mandukaparni / Brahmi - 1 Panchangam | फलमज्जा - Phalamajja - Fruit pulp | निघण्टु ग्रन्थाणि - Nighantu Granthani | ||
| 6 | कफहरम् - Kaphaharam - Drug action which mitigates Kaphadosha | मण्डूकपर्णी / ब्राह्मी - 1 पञ्चाङ्गम् - Mandukaparni / Brahmi - 1 Panchangam | फलमज्जा - Phalamajja - Fruit pulp | निघण्टु ग्रन्थाणि - Nighantu Granthani | ||
| 7 | तृष्णा / पिपासा / तृषा / तर्षणम् - Trishna / Pipasa / Trusha / Tarshana - Disease spectrum with excessive Thirst - Polydipsia | मण्डूकपर्णी / ब्राह्मी - 1 पञ्चाङ्गम् - Mandukaparni / Brahmi - 1 Panchangam | फलमज्जा - Phalamajja - Fruit pulp | निघण्टु ग्रन्थाणि - Nighantu Granthani | ||
| 8 | क्लमम् - Klamam - Disease spectrum with severe exhaustion without dyspnea which diminishes cognition | मण्डूकपर्णी / ब्राह्मी - 1 पञ्चाङ्गम् - Mandukaparni / Brahmi - 1 Panchangam | फलमज्जा - Phalamajja - Fruit pulp | निघण्टु ग्रन्थाणि - Nighantu Granthani | ||
| 9 | श्रमम् / आयासम् - Shramam / Ayasam - Disease spectrum with severe exhaustion with dyspnea which diminishes senses - Fatigue / Exhaustion | मण्डूकपर्णी / ब्राह्मी - 1 पञ्चाङ्गम् - Mandukaparni / Brahmi - 1 Panchangam | फलमज्जा - Phalamajja - Fruit pulp | निघण्टु ग्रन्थाणि - Nighantu Granthani | ||
| 10 | ग्राही - Grahi - Drug action which increases appetite, aids in digestion and dries or desiccates dosha,dhatu and mala | मण्डूकपर्णी / ब्राह्मी - 1 पञ्चाङ्गम् - Mandukaparni / Brahmi - 1 Panchangam | फलमज्जा - Phalamajja - Fruit pulp | निघण्टु ग्रन्थाणि - Nighantu Granthani | ||
| 11 | वातकफहरम् - Vatakaphaharam - Action which mitigates Vata and Kapha | मण्डूकपर्णी / ब्राह्मी - 1 पञ्चाङ्गम् - Mandukaparni / Brahmi - 1 Panchangam | फलमज्जा - Phalamajja - Fruit pulp | निघण्टु ग्रन्थाणि - Nighantu Granthani | ||
| 12 | भेदनम् - Bhedanam -Drug action which expels obstructive or non obstructive lump of dosha and mala | मण्डूकपर्णी / ब्राह्मी - 1 पञ्चाङ्गम् - Mandukaparni / Brahmi - 1 Panchangam | फलमज्जा - Phalamajja - Fruit pulp | निघण्टु ग्रन्थाणि - Nighantu Granthani | ||
| 13 | विबन्ध / मलावष्टम्भ / विष्टम्भम् / मलसङ्गम् - Vibandha / Malavastambha / Vishtambha / Malasangam - Disease spectrum with blockage to natural bodily excretions | मण्डूकपर्णी / ब्राह्मी - 1 पञ्चाङ्गम् - Mandukaparni / Brahmi - 1 Panchangam | फलमज्जा - Phalamajja - Fruit pulp | निघण्टु ग्रन्थाणि - Nighantu Granthani | ||
| 14 | व्रण (Vruna, Ulcer) | मण्डूकपर्णी / ब्राह्मी - 1 पञ्चाङ्गम् - Mandukaparni / Brahmi - 1 Panchangam | फलमज्जा - Phalamajja - Fruit pulp | निघण्टु ग्रन्थाणि - Nighantu Granthani |
| Disease Factors |
|---|
| Type | Operator | Value | Unit | Frequency | Duration | Comment |
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