Brief Description
शा.सं.म.अवलेह
निष्कुलीकृत्य कूष्माण्डखण्डान्पलशतं पचेत् । निक्षिप्य द्वितुलं नीरमर्धशिष्टं च गृह्यते ।
तानि कूष्माण्डखण्डानि पीडयेदृढवाससा । आतपे शोषयेत्किञ्चित् शूलाग्रेबहुशो व्यधेत् ।।
क्षिप्त्वा ताम्रकटाहे च दद्यादष्टपलं घृतम् । किञ्चिच्च भर्जयित्वा तु पूर्वोक्तं च जलं क्षिपेत् ।।
खण्डं पलशतं दत्त्वा सर्वमेकत्र पाचयेत् । सुपक्वं पिप्पली शुण्ठी जीराणां द्विपलं पृथक् ।।
पृथक् पलार्धं धन्याकं पत्रैला मरिच त्वचम् । चूर्णीकृत्य क्षिपेत्तत्र घृतार्धं क्षौद्रमावपेत् ।।
खादेदग्निबलं दृष्ट्वा रक्तपित्ती क्षयी ज्वरी। शोष तृष्णा तमः छर्दि कास श्वास क्षतातुरः ।।
कूष्मांडकावलेहोऽयं बालवृद्धेषु युज्यते । उरः संधानकृद् वृष्यो बृंहणो बलकृन्मतः ।।
दीपिका व्याख्या
अथ कूष्माण्डावलेहविवरणं दर्शयन्नाह - निष्कुलीति । निष्कुलीकृत्येति त्वङ्मज्जादिरहितानि कूष्माण्डशकलानि संगृह्येत्यर्थः । द्विगुणं नीरमिति कूष्माण्डपरिमाणात् तेन कूष्माण्डशकलानि तुलापरिमितानि द्वितुलामितं नीरमिति अर्धावशिष्टं क्वाथरूपं जलम्। शूलाग्रैरिति काष्ठमयशङ्कुमुखैः। बहुशो व्यधेदिति बहुच्छिद्राणि कूष्माण्डशकलानि कारयेदिति भावः । उक्तं च - हस्तपाट्यां पूर्वं निष्कुलीकृतं तदनु कृतच्छिद्रं पश्चात् संस्वेद्य क्षौमेण वेष्टयित्वा पीडयेत् , आतपे मनाक् संशोष्य पिष्ट्वा पलशतं गृहीत्वा पक्तव्यं, तेन किञ्चिद्भर्जयित्वेति किंचिदत्र यथापाक भर्जयेत् । तथा हि "मुक्तसर्पिषि कूष्माण्डे पाको गन्धेन मुद्रयेत्" इति । तज्जलमित्यर्धावशेषितं पूर्वोक्तं क्वाथं । खण्डात् पलशतमिति शर्करापलशतं । घृतार्धं क्षौद्रमावपेदिति घृतमानादर्धं क्षौद्रं मधु क्षिपेदिति भावः। आवपेदिति ग्रहणेन शीतीभूते तस्मिन् पश्चात् मेलयेदित्यर्थः । आतुरशब्दः शोषादिभिः प्रत्येकमभिसंबध्यते । बालवृद्धेषु योजयेदिति सौम्यत्वात् धातुपोषकत्वाच्च वृष्यः शुक्रवृद्धिकरः बृंहणो धातुवृद्धिकरः बलकृदोजसो वृद्धिकर इति ॥ ॥ २२-२८ ॥
गूडार्थ दीपिका व्याख्या
पलशतं निष्कुलीकृतकूष्माण्डखण्डात् द्वितुलानीरे निक्षिप्य पचेत् । अर्धशिष्टं गृह्यते तानि कूष्माण्डखण्डानि दृढवाससा पीडयेत् । पुनः किञ्चिदातपे शोषयेत् । पुनर्बहुशूलायुर्वेधयेत् । पुनः कटाहे क्षिप्वा अष्टपलं घृतं दद्यात् । तेन घृतेन किञ्चित् भर्जयेत् । पूर्वोक्तं जलं क्षिपेत् खण्डात्पलशतं दत्वा सर्वमेकत्र कारयेत् । सुपक्के पिप्पली शुण्ठी जीरं जीरकं एषां पृथक् द्विपलं, धान्याकं, पत्रं, एला, मरिच, त्वक् एषां पृथक् पलार्धं , घृतार्धं चतुः पलं क्षौद्रं मधु । स्पष्टमन्यत्
भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः
कूष्माण्डकात्पलशतं सुस्विनं निष्कुलीकृतम् । पचेत्पात्रे घृतप्रस्थं शनैस्ताम्रमये दृढे ॥
यदा मधुनिभःपाकस्तदा खण्डशतं न्यसेत् । पिप्पलीशृङ्गवेराभ्यां द्वेपले जीरकस्य च ।।
न्यसेच्चूर्णीकृतं तत्र दर्व्या संघट्टयेत्पुनः। तत्पक्वं स्थापयेद्भाण्डे दत्वा क्षौद्रं घृतार्द्धकम् ।
त्वगेला पत्र मरिच धान्यकानां पलार्धकम् । तद्यथाग्निवलं खादेद्रक्तपित्ती क्षतक्षयी।
कास श्वास तम च्छर्दि तृष्णा ज्वर निपीडितः। वृष्यं पुनर्नवकरं बल वर्ण प्रसादनम् ।।
उरःसन्धानकरणं बृहणं स्वरबोधनम् । अश्विभ्यां निर्मितं श्रेष्ठ कूष्माण्डकरसायनम् ।।
खण्डामलकमानानुसारात् कूष्माण्डकद्रवात् । पात्रं पाकायदातव्यं यावान्वात्र रसो भवेत् ।।
अ.हृ.चि.३/११४ - ११८
वीतत्वगस्थि कूष्माण्डतुलां स्विन्नां पुनः पचेत्| घट्टयन् सर्पिषः प्रस्थे क्षौद्रवर्णेऽत्र च क्षिपेत्||११४||
खण्डाच्छतं कणा शुण्ठ्योर्द्विपलं जीरकादपि| त्रिजात धान्य मरिचं पृथगर्धपलांशकम्||११५||
अवतारितशीते च दत्वा क्षौद्रं घृतार्धकम्| खजेनामथ्य च स्थाप्यं तन्निहन्त्युपयोजितम्||११६||
कास हिध्मा ज्वर श्वास रक्तपित्त क्षतक्षयान्| उरःसन्धानजननं मेधा स्मृति बलप्रदम्||११७||
अश्विभ्यां विहितं हृद्यं कूष्माण्डकरसायनम्|
सर्वाङ्गसुन्दरी व्याख्या
स०-वीतानि-अपासितानि, त्वगस्थीनि यस्मात्कूष्माण्डात् तस्य तुलां स्विन्नां सति पुनः सर्पिषः प्रस्थे घट्टयन् पचेत्| अत्र च कूष्माण्डे
माक्षिकवर्णे जाते सति खण्डाच्छतं, कणाशुण्ठ्योर्द्विपलं, जीरकाच्च पलद्वयं, त्रिजातकादि प्रत्येकमर्धपलांशकं, क्षिपेत्| अवतारिते शीते
चास्मिन् क्षौद्रस्य षोडश पलानि दत्वा, खजेन-दर्व्या, आमथ्य-विलोड्य, पश्चाद्भाण्डे स्थाप्यम् | एवं ह्यस्य सम्यग् घृतादिसमयोगः स्यात्|
उपयोजितं च तत् कासादीन् हन्ति| उरःसन्धानं करोति| मेधादिप्रदम्| अश्विभ्यां-दस्राभ्यां, निर्दिष्टं कूष्माण्डकाख्यं रसायनम्|
आयुर्वेदरसायनम् व्याख्या
कूष्माण्डकरसायनामाह-वीतत्वगस्थिकूष्माण्डतुलामिति| स्विन्नां त्यक्तद्रवां शीतीकृतां पुनः पचेत्| क्षौद्रवर्णे कूष्माण्डे| शतं-
पलशतम्| खण्डप्रक्षेपसमये स्वेदनान्निर्गतः कूष्माण्डरसः प्रक्षेप्य इति वृद्धवैद्याः|
कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 |
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| Fruit pieces of Ashguard should be boiled with water, till water evaporates to its half. Then fruit pieces of Ashguard should be strained, pierced with sharps and sun dried for little. Drained water should be kept aside. Then Fruit pieces of Ashguard should be fried with Ghee and added with drained water and Sugar candy. Lehapakam prepared and prakshepaka powders are added. honey is added when Leham cools completely. | ||||
| Sankrith Name | Scientific name | Hindi Name | English Name | Quantity |
| कषाय द्रव्य / Drugs for Decoction - Water redced to 100 Parts | ||||
| कूष्माण्ड फलम् - Kooshmanda Phalm | Benincasa hispida | पेठा की फल - Petha ki Phal | Ash Gourd, White Gourd, Wax Gourd, White Pumpkin - Fruit | 100 |
| जलम् - Jalam | H2O | पानी - Pani | Water | 200 |
| खण्डशर्करा / मत्स्याण्डिका - Khandasharkara / Matsyandika | - | मिश्री - Mishri | Rock Sugar | 100 |
| Prakshepaka Dravya | ||||
| पिप्पली / मागधी / उपकुल्या / कणा / कृष्णा फलम् - Pippali / Magadhi / Upakulya/ Kana / Krushna Phalam | Piper longum | बढी पिप्पली - Badhi Pippali | Indian Long Pepper / Joborandi - Dried Fruit | 2 |
| नागर / शुण्ठी मूलम् - Nagara / Shunthi Mulam | Zingiber officinale | सोंठ - Sonth | Ginger - Dry Tubers | 2 |
| जीरक / अजाजी / श्वेत जीरकम् बीजम् - Jeeraka / Ajaji Beejam | Cuminum cyminum | जीरा की बीज - Jeera Ki Beej | Cumin - Seeds | 2 |
| धान्यकबीजम् - Dhanyaka Beejam | Coriandrum sativum | धनिया की बीज - Dhaniya beej | Coriander - Seeds | 0.5 |
| तमाल पत्रम् - Tamala Patram | Cinnamomum tamala/Cinnamomum zeylanicum | तेजपात - Tejapat | Indian Cassia leaves, Lignea Leaves | 0.5 |
| एला - Ela | Elettaria cardamomum | इलायची - Elaichi | Lesser Cardamom - Whole Dried Fruir | 0.5 |
| त्वक् - 1 - Tvak - 1 | Cinnamomum zeylanicum. | दाल्चिनि की छाल - Dalchinni ki Chaal | Ceylon Cinnamon- Bark | 5 |
| मरिच / ऊषण बीजम् - Maricha / Ushana Beejam | Piper nigrum | कालामिर्च के बीज - Kalamirch ke Beej | Black Pepper - Dried Fruit | 0.5 |
| घृतम् - Ghrutam | घी - Ghee | Ghee - Clarified Butter | 8 | |
| मधु - Madhu | शहद - Shahd | Honey | 4 | |
| Samskruta Name | Description |
| रक्तपित्तम् - Raktapittam | Diseases with Bleeding Diathesis |
| क्षय रोगम् / राजयक्ष्मा - Kshaya Rogam / Rajayakshma | Disease spectrum with progressive emaciation or cachexia |
| ज्वर - Jvara | Fevers |
| पिपासा / तृष्णा - Pipasa / Trushna | Disease spectrum with excessive Thirst - Polydipsia |
| तमः - Tama | Diseases with Fainting - Blackouts -Syncope |
| छर्दि / वमी - Chardi / Vami | Disease spectrum with vomiting as prime Symptom |
| कासम् - Kasam | Disease Spectrum with Cough |
| श्वासम् - Shwasam | Disease Spectrum with difficulty breathing |
| उरक्षतम् - Urakshatam | Spectrum of disease of the respiratory system with Pleuritic, sharp, cutting type of chest pain, Pain in lateral aspects of chest, weight loss, Progressive decrease in courage, velour, fitness and color complexion, food intake, metabolism, fever, depression, loose stools, brown to black, odorant, purulent, yellowish, thick sputum expectoration, Hemoptysis, significant cachexia, weight loss |
| उरः सन्धानकरम् - Ura Sandhanakaram | Pharmaceutical action which cures lung diseases which cause cavities or injuries in the Lungs |
| वृष्यम् - Vrushyam | Aphrodisiac |
| बृंहणम् - Brumhanam | Medicines which increases the size of the body |
| बलकारक / बल्य - Balakaraka / Balya | Ergogenic , strength enhancer, Tonic |
| रसायनम् - Rasayanam | Pharmacological action which rejuvenate the body and delays Aging |
| वृद्धाप्य औषधम् - Vruddhapya Oushadham | Medicines which can be used effectively for geriatric diseases. |
| बाल बृंहणम् - Balabrumhanam | Medicines which nourish the children |
| हिक्का - Hikka | Disease spectrum with Hiccough |
| मेधा जननम् - Medha Jananam | Drug action which enhance intellect |
| स्मृतिकरम् - Smrutikaram | Drug action which enhances Memory power |
| Sl.No | Raw Material | Variant | Ratio | Quantity Required for 1000g | Unit |
|---|
| Rasa | |
|---|---|
| Guna | |
| Veerya | |
| Vipaka | |
| Prabhava | |
| Anupanam | modal-content |
| Sl.No. | Disease Factor | Name of the combination | Form of the combination | Reference | Combination products | Procedure |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | रक्तपित्तम् (Raktapittam, Disease spectrum with uncontrolled bleeding from the body- Bleeding diathesis) | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 2 | धातुक्षयम् - Dhatukshayam - Spectrum of diseases associated with Cachexia or loss of muscle mass | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 3 | क्षय रोगम् / राजयक्ष्मा / शोषम् - Kshaya Rogam / Rajayakshma / Shosham - Disease spectrum with progressive emaciation or cachexia | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 4 | ज्वरघ्नम् - Jvaraghnam - Antipyretic / Febrifuge | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 5 | वात शोष/ गात्र शोषम् / शोषम् - Vatashosha / Gatrashosha / Shosha - Disease spectrum with Atrophy of any organ or part of the body | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 6 | तृष्णा / पिपासा / तृषा / तर्षणम् - Trishna / Pipasa / Trusha / Tarshana - Disease spectrum with excessive Thirst - Polydipsia | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 7 | तमः - Tama - Diseases with Fainting - Blackouts -Syncope | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 8 | कासः - Kasa - Disease spectrum with Cough | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 9 | छर्दि - Chardi - Disease spectrum with vomiting | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 10 | श्वासम् - Shvasam - Disease Spectrum with difficulty breathing | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 11 | उरक्षतम् - Urakshatam - Disease spectrums which cause lung damage and Progressive cachexia | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 12 | बाल रसायनम् - Balarasayanam - Pharmacological action which prolongs healthy lifespan of children | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 13 | वृद्धाप्य औषधम् (Vruddhapya Oushadham - Geriatric Medicine) | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 14 | उरः सन्धानकरम् - Ura Sandhanakaram - Pharmaceutical action which cures lung diseases which cause cavities or injuries in the Lungs | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 15 | वृष्य/वाजीकरण (Vrushya/Vajikarana, Aphrodisiac) | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 16 | बृंहणम् (Brumhana, Medicines which increases the size of the body) | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 17 | बलक्षयम् (Balakshaya ) | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 18 | दौर्बल्यम् - Dourbalyam - Tiredness / weakness / Fatigue | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 19 | स्वर्य (Svarya, Voice melody enhancer) | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 20 | बलकारक / बल्य / सामर्थ्यदायकम् - Balakaraka / Balya / Samarthyadayakam - Ergogenic , strength enhancer, Tonic | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 21 | वर्णकारकम् / वर्ण्यम् - Varna karaka / Varnya - Drug action which enhances color and glow of Skin | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 22 | बुद्धिमान्द्यता - Buddhimandyata - Mental retardation / Intellectual disability | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 23 | मेध्य रसायनम् - Medhya Rasayanam - Intellect promoting | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 24 | हृद्यम् - Hrudyam - Cardiotonic Action - Cardiotonic are drugs used to increase the efficiency and improve the contraction of the heart muscle, which leads to improved blood flow to all tissues of the body. | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 25 | स्मृतिकरम् - Smrutikaram - Memory enhancer | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ | |||
| 26 | मनोदोषम् - Manodosham - Spectrum of mental diseases / Psychiatric diseases | कूष्माण्ड रसायनम् - 1 - Kushmanda Rasayanam - 1 | शा.सं.म.अवलेह, भै. र, र. रा. सुं; रसे. सा.सं, वै. र, र. पि, अ.र, भा. प्र, र. र, धन्व, व. से, च. द; वृ. माः, अ.हृ.चि.३/११४ - ११८ |
| Disease Factors |
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| Type | Operator | Value | Unit | Frequency | Duration | Comment |
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