Brief Description
(नपुंसकामृता. । त. ९)
नवं गुडं च संगृह्य शतमेकं पलं तथा ।
बर्बरीत्वचं च सङ्ग्रह्य बदरीत्वचमेव च ॥
प्रस्थं प्रस्थं प्रदातव्यं पूगं देयं यथोचितम् ।
दत्वा लोध्रं च कुडवमार्द्रकं च पलद्वयम् ॥
तोयमष्टगुणं दत्व गुडं संघोलयेत्सुधीः ।
प्रथमे चार्द्रकं दधाद्वितीये बर्बरीत्वचम् ।।
तृतीये बदरीं दत्त्वा गोलयित्वा भिषग्वरः ।
मुखे शरावकं दचा यत्नात्कृत्वा च बन्धनम् ॥
मुखं सम्बन्धनं कृत्वा स्थापयेद्दिनविंशतिम् ।
मृण्मये मोचिकायन्त्रे मयूराख्येपि यन्त्रके ॥
यथाविधि प्रकारेण मन्दमन्देन वह्निना ।
चुहलीमध्ये निधातव्यं मृत्तिका दृढभाजने ॥
तदौषधं च तन्मध्ये समुद्धृत्य विनिक्षिपेत् ।
नले च युगलं दत्वा कुम्भौ च गजकुम्भवत् ।।
कुम्भमध्ये निधातव्यं पूगं च सैलवालुकम् ।
देवदारुं लवङ्गं च पद्मकोशीरचन्दनम् ॥
शतपुष्पा यवानीका मरिचं जीरकद्वयम् ।
शठी मांसी त्वगेला च जातीफलसमुस्तकम् ॥
ग्रन्थिपर्णी तथा शुण्ठी मेथी मेषी च चन्दनम्।
एषां चार्धपलान्भागान्कुट्टयित्वा विनिःक्षिपेत् ।।
यथाविधिप्रकारेण चालनं दापयेत्सुधीः ।
बुद्धिमान्सौजलं कृत्वा उद्धरेविधिवत्सुराम् ।।
एतन्मद्यं पिबेन्नित्यं यथाधातुवयःक्रमम् ।
आरोग्यजननं देहदाढर्चकृद् बलवर्धनम् ।।
धात्वग्निस्मृतिकृत् वीर्यशुक्रकृद्वातनाशनम् ।
बलपुष्टिकरं चैव कामदं दीपनं परम् ॥
दश स्त्री रमयेनित्यमानन्दमुपजायते ।
रणे तेजोमयः सद्यो यथा भीमपराक्रमः ॥
नवीन गुड़ ६ सेर, तथा बबूलकी छाल, बेरीकी छाल और सुपारी १-१ सेर एवं लोध २० तोले और अदरक १० तोले लेकर कूटने योग्य चीजोंको कूट लें और अदरकको पाथर पर पीस लें । तत्पश्चात् सबसे ८ गुने (१६ गुने) पानीमें प्रथम गुड़ घोले और फिर उसमें क्रमशः अदरक, बबूलकी छाल, बेरीकी छाल तथा अन्य ओषधियां मिला दें और सबको चिकने मटके में भरकर उसका मुख बन्द करके रख दें । एवं २० दिन पश्चात् निकालकर उसे मयूर यन्त्र अथवा मोचिका यन्त्र (भवके) में डालकर मन्दाग्नि पर अर्क खींचें । उस समय (अर्क खींचते समय) उसमें निम्न लिखित चीजोंका चूर्ण भी डाल देना चाहिये--
सुपारी, एलवालुक, देवदारु, लौंग, पद्माक, खस, सफेद चन्दन, सोया, अजवायन, काली मिरच, सफेद और काला जीरा, कचूर, जटामांसी, दारचीनी, इलायची, जायफल, नागरमोथा, गठौना, सोंठ, मेथी, मेढासिंगी और चन्दनका चूर्ण २||-२।। तोले।
इसे यथोचित मात्रानुसार सेवन करनेसे स्वास्थ्यकी वृद्धि होती है। यह शरीरको दृढ़ करता है, तथा बल, धातु, अग्नि, स्मृति और वीर्यको बढ़ाता एवं वायुको नष्ट करता है। अत्यन्त वाजीकरण है।
| Sl.No | Raw Material | Variant | Ratio | Quantity Required for 1000g | Unit |
|---|
| Rasa | |
|---|---|
| Guna | |
| Veerya | |
| Vipaka | |
| Prabhava | |
| Anupanam | modal-content |
| Sl.No. | Disease Factor | Name of the combination | Form of the combination | Reference | Combination products | Procedure |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | नित्योपयोगी औषधम् (Nityopayogi Oushadha - Medicines that to be used every day) | मृतसञ्जीवनीसुरा -2 (Mrutasanjivani Sura -2 ) | नपुंसकामृता. । त. ९ | |||
| 2 | देहदार्ढ्यकरम् - Dehadardhyakaram - Body strengthening action | मृतसञ्जीवनीसुरा -2 (Mrutasanjivani Sura -2 ) | नपुंसकामृता. । त. ९ | |||
| 3 | आरोग्यकरम् / आरोग्यदायकम् - Arogyakaram / Arogyadayakam - Pharmaceutical action which induces State of good health | मृतसञ्जीवनीसुरा -2 (Mrutasanjivani Sura -2 ) | नपुंसकामृता. । त. ९ | |||
| 4 | बलकारक / बल्य / सामर्थ्यदायकम् - Balakaraka / Balya / Samarthyadayakam - Ergogenic , strength enhancer, Tonic | मृतसञ्जीवनीसुरा -2 (Mrutasanjivani Sura -2 ) | नपुंसकामृता. । त. ९ | |||
| 5 | स्मृतिकरम् - Smrutikaram - Memory enhancer | मृतसञ्जीवनीसुरा -2 (Mrutasanjivani Sura -2 ) | नपुंसकामृता. । त. ९ | |||
| 6 | शुक्रवृद्धिकरम् / शुक्रलम् - Shukravruddhikaram / shukralam - Drug action which increases the quantity of semen | मृतसञ्जीवनीसुरा -2 (Mrutasanjivani Sura -2 ) | नपुंसकामृता. । त. ९ | |||
| 7 | वातरोगम् /मरुत् रोगम् - Vata Rogam / Marut rogam - Disease spectrum of Movement diseases involving Musculoskeletal and Nervous System | मृतसञ्जीवनीसुरा -2 (Mrutasanjivani Sura -2 ) | नपुंसकामृता. । त. ९ | |||
| 8 | देहपुष्टिकरम् - Deha Pushtikaram - Pharmacological action which promotes overall growth of the body / Nutritive / Nourishing | मृतसञ्जीवनीसुरा -2 (Mrutasanjivani Sura -2 ) | नपुंसकामृता. । त. ९ | |||
| 9 | वीर्य कृत् / वीर्य वर्धनम् - Veeryakrut / Veeryavardhanam - Stamina booster | मृतसञ्जीवनीसुरा -2 (Mrutasanjivani Sura -2 ) | नपुंसकामृता. । त. ९ | |||
| 10 | दीपनम् - Deepanam - Eupeptic / Appetizer / stomachic / Metabolic rate accelerator | मृतसञ्जीवनीसुरा -2 (Mrutasanjivani Sura -2 ) | नपुंसकामृता. । त. ९ | |||
| 11 | कामोत्तेजकम् (Kamottejaka - Increasing sex drive or libido) | मृतसञ्जीवनीसुरा -2 (Mrutasanjivani Sura -2 ) | नपुंसकामृता. । त. ९ | |||
| 12 | चित्त सन्तोषम् / सौमनस्यम् - Chitta santosham / Soumansyam - State of Pleasant mind or Tranquility | मृतसञ्जीवनीसुरा -2 (Mrutasanjivani Sura -2 ) | नपुंसकामृता. । त. ९ | |||
| 13 | धैर्यकृत् / धृतिकृत् - Dhairyakrut / Dhrutikrut - Courage booster / Pharmacological action which increases tolerance and mental stability | मृतसञ्जीवनीसुरा -2 (Mrutasanjivani Sura -2 ) | नपुंसकामृता. । त. ९ | |||
| 14 | वृष्य/वाजीकरण (Vrushya/Vajikarana, Aphrodisiac) | मृतसञ्जीवनीसुरा -2 (Mrutasanjivani Sura -2 ) | नपुंसकामृता. । त. ९ | |||
| 15 | भीमपराक्रम (Bhima parakrama- War Courage booster) | मृतसञ्जीवनीसुरा -2 (Mrutasanjivani Sura -2 ) | नपुंसकामृता. । त. ९ | |||
| 16 | युद्ध जयम् (Yuddha Jayam - War winning) | मृतसञ्जीवनीसुरा -2 (Mrutasanjivani Sura -2 ) | नपुंसकामृता. । त. ९ |
| Disease Factors |
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| Type | Operator | Value | Unit | Frequency | Duration | Comment |
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