Brief Description
च.चि.१७/७७-८०
लीनश्चेद्दोषशेषः स्याद्धूमैस्तं निर्हरेद्बुधः|
हरिद्रां पत्रमेरण्डमूलं लाक्षां मनःशिलाम्||७७||
सदेवदार्वलं मांसीं पिष्ट्वा वर्तिं प्रकल्पयेत्|
तां घृताक्तां पिबेद्धूमं यवैर्वा घृतसंयुतैः||८७||
मधूच्छिष्टं सर्जरसं घृतं मल्लकसम्पुटे|
कृत्वा धूमं पिबेच्छृङ्गं बालं वा स्नायु वा गवाम्||७९||
स्योनाकवर्धमानानां नाडीं शुष्कां कुशस्य वा|
पद्मकं गुग्गुलुं लोहं शल्लकीं वा घृताप्लुतम्||८०||
आयुर्वेददीपिका व्याख्या (चक्रपाणिदत्त कृत)
वमनशेषदोषहरणार्थं धूममाह- लीन इत्यादिना| एतेन धूमो वमनं विनाऽपि स्वल्पदोषे कर्तव्य एव, तत्रापि धूमविषयदोषस्य विद्यमानत्वात्| अलं हरितालम्| धूमवर्तिस्तु तस्याशीतीयोक्तधूमवर्तिविधानेन कर्तव्या| अत्र च धूमपाननलिकामानं वक्ष्यमाणकासहरधूमनलिकामानसमानमिच्छन्ति, हिक्काश्वासयोरपि काससमानत्वात्| मधूच्छिष्टं सिक्थकम्| मल्लकसम्पुटे चात्रानुक्तमपि पातव्यधूमनिर्गमार्थमूर्ध्वं च्छिद्रं कर्तव्यम्| पद्मकादिष्वपि मल्लकेत्याद्यनुवर्तते| वर्धमान एरण्डः| लोहः अगरुः| शल्लकी स्वनामख्याता||७७-८०||
यदि दोष लीनावस्था मे है तो रोगी को धूमपान कराना चाहिये । धूमपान हेतु निम्न लिखे वस्तुओं को उपयोग करना है ।हरिद्रा,तेजपात,एरण्डमूल,
| Sl.No | Raw Material | Variant | Ratio | Quantity Required for 1000g | Unit |
|---|
| Rasa | |
|---|---|
| Guna | |
| Veerya | |
| Vipaka | |
| Prabhava | |
| Anupanam | modal-content |
| Sl.No. | Disease Factor | Name of the combination | Form of the combination | Reference | Combination products | Procedure |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | हिक्का - Hikka - Hiccough | गुग्गुलु धूमम् - Guggulu Dhumam | गुग्गुलु - Guggulu | च.चि.१७/७७-८० | ||
| 2 | श्वासम् - Shvasam - Disease Spectrum with difficulty breathing | गुग्गुलु धूमम् - Guggulu Dhumam | गुग्गुलु - Guggulu | च.चि.१७/७७-८० |
| Disease Factors |
|---|
| Type | Operator | Value | Unit | Frequency | Duration | Comment |
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