Brief Description
अ.हृ.सू.१५/ १९-१०
विदारिपञ्चाङ्गुलवृश्चिकाली वृश्चीवदेवाह्वयशूर्पपर्ण्यः|
कण्डूकरी जीवनह्रस्वसंज्ञे द्वे पञ्चके गोपसुता त्रिपादी||९||
विदार्यादिरयं हृद्यो ब्रूंहणो वातपित्तहा|
शोषगुल्माङ्गमर्दोर्ध्वश्वासकासहरो गणः||१०||
सर्वाङ्गसुन्दरी व्याख्या
स०-विदारी-वृष्यकन्दा| पञ्चाङ्गुलः-एरण्डः| वृश्चिकाली-उष्ट्रधूमका मेषश्रृङ्गी वा| वृश्चीवः-क्षुद्रवर्षाभूः| देवाह्वयः-सुरदारु| [देवाद्वयेति पाठे
एका सहदेवा द्वितीया विश्वदेवा चेति देवाद्वयम्| ] शूर्पर्ण्यौ-मुद्गपर्णी माषपर्णी च| कण्डूकरी-कपिकच्छूः| जीवनेत्यादि|
अभीरुवीराजीवन्तीजीवकर्षभकैः स्मृतम्| जीवनाख्यम्" (हृ. सू. अ. ६|१७०) इति जीवनसंज्ञं पञ्चमूलम्| बृहती कण्टकारिका शालिपर्णी
पृश्निपर्णी गोक्षुरकमिति ह्रस्वसंज्ञं पञ्चमूलम्| गोपसुता-सारिवा| त्रिपादि-हंसपादी कीटमारिकाख्या| एष विदार्यादिगणो बृंहणो वातपित्तघ्नः
शोषादिहरश्च| उपजातिर्वृत्तम्|
आयुर्वेदरसायनम् व्याख्या
आ० र०- अथविदार्यादिप्रभृतयः| तत्र विदार्यादिगणमाह-विदारीति| वृश्चिकाली-वृश्चिकाली-वृश्चिकपत्रा| वृश्चिवः-पुनर्नवा| देवाद्वयं-सहदेवा
विश्वदेवा च| शूर्पपर्ण्यौ-मुद्रपर्णी माषपर्णी च| कण्डूकरी-कपिकच्छूः| जीवनं हस्वं च पञ्चमूलं-प्रागुक्तम्| दोपसुता-सारिवा| त्रोपादी-
हंसपादी| अयं विदार्यादिगणो हृद्यर्वादिगुणः| शोषो-राजयक्ष्मा| ऊर्ध्वः-उदवर्तः|
सु.सू.सू. ३८ / ४-५
विदारिगन्धा विदारी विश्वदेवा सहदेवा श्वदंष्ट्रा पृथक्पर्णी शतावरी सारिवा कृष्णसारिवा जीवकर्षभकौ महासहा क्षुद्रसहा बृहत्यौ पुनर्नवैरण्डो हंसपादी वृश्चिकाल्यृषभी चेति ||४||
विदारीगन्धादिरयं गणः पित्तानिलापहः |
शोषगुल्माङ्गमर्दोर्ध्वश्वासकासविनाशनः ||५||
निबन्धसङ्ग्रह व्याख्या
तत्र प्रथमं दोषक्रमेणाद्यं गणं निर्दिशन्नाह- तद्यथेत्यादि| विदारिगन्धा शालपर्णी, विदारी विपादिककन्दः कोहलाकारो लोहितकुसुमः, स च
द्विविधः- दीर्घकन्दो बहुक्षीरः, हस्तिपादकोऽल्पक्षीर इति| विश्वदेवा गाङ्गेरुकी प्रसिद्धा, ‘गुडशर्करा (गुलशकरी)’ इति पूर्वदेशे, अन्ये
सितकुसुमां बलामाहुः| सहदेवी बलाभेदः पीतपुष्पा ‘काङ्कसी’ इति लोके; अन्ये बलां नीलपुष्पामाहुः| श्वदंष्ट्रा गोक्षुरकः| पृश्निपर्णी पृथक्पर्णी
‘पीठवनी’ इति लोके| शतावरी सूक्ष्मपत्रा ‘शताउरी’ इति लोके| सारिवा जम्बूपत्रा, दुग्धगर्भा वल्ली स्वनामप्रसिद्धा| कृष्णसारिवा
छिलहेण्टापत्रसदृशच्छदा चन्दनगन्धा ‘कालवेली’ इति लोके; केचित् कृष्णसारिवां न पठन्ति| जीवकः कूर्चशीर्षकः स्वनामख्यातः|
ऋषभको वृषभकः, अयमपि स्वनामख्यातः| महासहा माषपर्णी| क्षुद्रसहा मुद्गपर्णी| बृहत्यौ सूक्ष्मफला स्थूलफला च| पुनर्नवा वर्षाभूः
‘साटडी’ इति लोके| एरण्डः स्वनामप्रसिद्धः| हंसपादी मधुश्रवा हंसपदाकारपत्रा पीतपुष्पा जलयु(मु)क्तदेशजाता ‘हंसपाई’ इति लोके
प्रसिद्धा| वृश्चिकाली [१] कण्टकितमेषशृङ्गयुगाकारफला पाठापत्रा ईषद्रोमशा श्वेतपुष्पगुच्छा दक्षिणावर्तवल्ली मेषशृङ्गीभेदः;
वृश्चियाशाकमन्ये| ऋषभी कपिकच्छुः| शृगालविन्नामेके विदारिगन्धादौ पठन्ति, तामपठनीयामेके मन्यन्ते, अन्ये पृथक्पर्णीभेदं दीर्घपत्रां
सिंहपुच्छामाहुः| शोषो राजयक्ष्मा, अङ्गमर्दः स्फुटनिका| पित्तानिलहरत्वेन दोषप्रत्यनीकतोक्ता, शोषादिनाशकत्वेन व्याधिप्रत्यनीकत्वं
चोक्तम्, एवं दोषयोरुक्तयोर्व्याधिषु चोक्तेष्ववस्थाकालदेशादिभेदेन समस्तैरेतैरर्धैर्यथालाभं लब्धैर्वा
शृतशीतफाण्टस्वरसकल्कचूर्णगुटिकोत्कारिकारसक्रियालेपप्रदेहपरिषेकावगाहनघृततैलादीनि यथायोगं साधनीयानि| एवमन्येष्वपि गणेषु
योज्यम्| येषां जीवकर्षभकादिद्रव्याणामन्नपानादौ गुणो न निर्दिष्टः, तेषां समुदितस्य गणस्य गुणाभिधानेनैव पृथग्द्रव्यगुणो ज्ञातव्य इति||४-५||
VidarI (Pueraria tuberosa), 2. Panchagula/ Eranda (Ricinus communis), 3. Vrischikali (Pergularia extensa), 4. Vrischiva / Punarnava (Boerhavia diffusa), 5. Devahvaya / Devadaru (Cedrus deodara), 6. Mudgaparni (Phaseolus trilobus), 7. Mashaparni (Teramnus labialis), 8. Laghu Panchamula drugs, 9. Jivaniya panchamula drugs, 10. Kandukari / Atmagupta (Mucuna pruriens) 11. Gopasuta / Sarivaa (Hernidesmus indicus), 12. Tripadi / HamsapadI(Adiantium lunulatum).
Extraa drugs - Nagabala, Sahadevi,
Uses:
Good for heart, nourishing the body, mitigates vata and pitta, indicated in emaciation, abdominal tumors, body pains, dyspnoea and cough.
विदार्यादि गण—विदारीकन्द, एरण्ड, मेढ़ासिंगी, पुनर्नवा, देवदारु, मुद्गपर्णी, माषपर्णी, केवाँच, जीवनपञ्चमूल, लघुपञ्चमूल , सारिवा तथा हंसराज—ये द्रव्य विदार्यादिगण के कहे गये हैं। यह गण हृदय के लिए हितकर, शरीर को पुष्ट करने वाला, वात तथा पित्त-दोषनाशक, शोष, गुल्म, अंगमर्द, ऊर्ध्वश्वास तथा कास रोगों का विनाशक है।।९-१०।।
| Sl.No | Raw Material | Variant | Ratio | Quantity Required for 1000g | Unit |
|---|
| Rasa | |
|---|---|
| Guna | |
| Veerya | |
| Vipaka | |
| Prabhava | |
| Anupanam | modal-content |
| Sl.No. | Disease Factor | Name of the combination | Form of the combination | Reference | Combination products | Procedure |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | हृद्यम् - Hrudyam - Cardiotonic Action - Cardiotonic are drugs used to increase the efficiency and improve the contraction of the heart muscle, which leads to improved blood flow to all tissues of the body. | विदार्यादि / विदारिगन्धादि गणम् - Vidaryadi / Vidari Gandhadi Ganam | अ.हृ.सू.१५/ १९-१०,सु.सू.सू. ३८ / ४-५ | |||
| 2 | बृंहणम् (Brumhana, Medicines which increases the size of the body) | विदार्यादि / विदारिगन्धादि गणम् - Vidaryadi / Vidari Gandhadi Ganam | अ.हृ.सू.१५/ १९-१०,सु.सू.सू. ३८ / ४-५ | |||
| 3 | वातपित्तज व्याधि (Vatapittaja vyadhi, Diseases of Vata and pitta) | विदार्यादि / विदारिगन्धादि गणम् - Vidaryadi / Vidari Gandhadi Ganam | अ.हृ.सू.१५/ १९-१०,सु.सू.सू. ३८ / ४-५ | |||
| 4 | गुल्म रोगम् - Gulma Rogam - Disease spectrum with various Abdominal swellings / tumours/ Cysts | विदार्यादि / विदारिगन्धादि गणम् - Vidaryadi / Vidari Gandhadi Ganam | अ.हृ.सू.१५/ १९-१०,सु.सू.सू. ३८ / ४-५ | |||
| 5 | वात शोष/ गात्र शोषम् / शोषम् - Vatashosha / Gatrashosha / Shosha - Disease spectrum with Atrophy of any organ or part of the body | विदार्यादि / विदारिगन्धादि गणम् - Vidaryadi / Vidari Gandhadi Ganam | अ.हृ.सू.१५/ १९-१०,सु.सू.सू. ३८ / ४-५ | |||
| 6 | उदावर्त - Udavarta - Spectrum of diseases where movement of organ is opposite to physiological movement | विदार्यादि / विदारिगन्धादि गणम् - Vidaryadi / Vidari Gandhadi Ganam | अ.हृ.सू.१५/ १९-१०,सु.सू.सू. ३८ / ४-५ | |||
| 7 | श्वासम् - Shvasam - Disease Spectrum with difficulty breathing | विदार्यादि / विदारिगन्धादि गणम् - Vidaryadi / Vidari Gandhadi Ganam | अ.हृ.सू.१५/ १९-१०,सु.सू.सू. ३८ / ४-५ | |||
| 8 | अङ्गशूलम् - Angashulam - Disease spectrum with stabbing type of pain all over the body | विदार्यादि / विदारिगन्धादि गणम् - Vidaryadi / Vidari Gandhadi Ganam | अ.हृ.सू.१५/ १९-१०,सु.सू.सू. ३८ / ४-५ | |||
| 9 | कासः - Kasa - Disease spectrum with Cough | विदार्यादि / विदारिगन्धादि गणम् - Vidaryadi / Vidari Gandhadi Ganam | अ.हृ.सू.१५/ १९-१०,सु.सू.सू. ३८ / ४-५ | |||
| 10 | क्षय रोगम् / राजयक्ष्मा / शोषम् - Kshaya Rogam / Rajayakshma / Shosham - Disease spectrum with progressive emaciation or cachexia | विदार्यादि / विदारिगन्धादि गणम् - Vidaryadi / Vidari Gandhadi Ganam | अ.हृ.सू.१५/ १९-१०,सु.सू.सू. ३८ / ४-५ |
| Disease Factors |
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| Type | Operator | Value | Unit | Frequency | Duration | Comment |
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