Brief Description
सुश्रुतसंहिता - सूत्रस्थानम् - ३८. द्रव्यसंग्रहणीयाध्यायः
ऊषकसैन्धवशिलाजतुकासीसद्वयहिङ्गूनि तुत्थकं चेति ||३७||
ऊषकादिः कफं हन्ति गणो मेदोविशोषणः |
अश्मरीशर्करामूत्रकृच्छ्रगुल्मप्रणाशनः ||३८||
निबन्धसङ्ग्रह व्याख्या (डल्हण कृत)
ऊषकेत्यादि| ऊषकः क्षारमृत्तिका वाराणसीसमीपे बडहरदेशे बाहुल्येन भवति, अन्ये तद्भवं द्रव्यान्तरमाहुः; कासीसद्वयं कासीसं
भस्मसदृशं किञ्चिदम्ललवणरसं, द्वितीयं पुष्पकासीसमीषत्पीतं तुवररसं तद्भेद एव; तुत्थकं कर्परिकातुत्थं खपरिया इति लोके,
अन्ये मयूरग्रीवमाहुः| शेषं सुबोधम्||३७-३८||
अष्टाङ्गहृदयम् - सूत्रस्थानम् - १५. शोधनादिगणसङ्ग्रहोध्यायः
अष्टाङ्गसङ्ग्रहः - सूत्रस्थानम् - १६. विविधद्रव्यगणसङ्ग्रहः
ऊषकस्तुत्थकं हिङ्गु कासीसद्वयसैन्धवम् | सशिलाजतु कृच्छ्राश्मगुल्ममेदःकफापहम्||२३||
सर्वाङ्गसुन्दरी व्याख्या
ऊषको-वृषकः, कल्लर इति प्रसिद्धः| तुत्थकं-खर्परं किटिहापरसंज्ञम्| हिङ्गु-रामठम्| कासीसद्वयं-एकं पांशुधातुसंज्ञमपरं
पुष्पकासीसाख्यम्| सैन्धवं-माणिमन्थम्| शिलाजतु-शिलाजम्| ऊषकादिरयं मूत्रकृच्छ्रादीन् हन्ति|
आयुर्वेदरसायनम् व्याख्या
ऊषकादिगणमाह-ऊषक इत्यादि| ऊषकः-क्षारमृत्तिका| कृच्छ्रं-मूत्रकृच्छ्रम् |
अष्टाङ्गनिघण्टु - १२. ऊषकादिगण
ऊषकस्तुत्थकं हिङ्गु कासीसद्वयसैन्धवम् | सशिलाजतु कृच्छ्राश्मगुल्ममेदः कफापहम् ||९८||
ऊषकादौ तु वृषको वूषको रुचकाह्वयः | ऊषो निःसारकः सिंहो मूत्रवृद्धिकरः स्मृतः ||९९||
कठिनं तुत्थकं द्वेधा कर्परं बर्हिकण्टकम् | जन्तुघ्नं जरणं हिङ्गु रामठ भूतनाशनम् ||१००||
कासीसं पांशुधावाख्यं द्वितीयं पुष्पसञ्ज्ञकम् | सैन्धवं माणिमन्थं च नादेयं लवणोत्तमम् ||१०१||
शिलाजं धातुजं ज्ञेयं मन्दरोत्थं शिलाजतु | पार्वतं शैलनिर्यासः गिरिजं च शिलाह्वयम् ||१०२||
1. Usaka/Kalhara (Sodium chloride), 2. Tutthaka (Cupric sulphate), 3. Hingu (Ferula foetida), 4. Kaslsa dvaya (2 types of kasisa i.e. Pamsu & puspakasisa), 5. Saindhava (Sodium chloride impura), 6. Silajatu (bitumen).
Uses
Indicated in dysurea, urinary calculi and tumors. Decreases the fat and mitigates kapha.
ऊषकादि गण—ऊषक (कल्लर), तूतिया ( औषध-प्रयोग में इसे भून कर लिया जाता है), हींग, हरा कासीस, सेंधानमक तथा शिलाजीत—यह गण मूत्रकृच्छ्र, अश्मरी (पथरी), गुल्म, मेदोविकार एवं कफज विकार को शान्त करता है ।। २३ ॥
| Sl.No | Raw Material | Variant | Ratio | Quantity Required for 1000g | Unit |
|---|
| Rasa | |
|---|---|
| Guna | |
| Veerya | Ushna veerya |
| Vipaka | Katu |
| Prabhava | |
| Anupanam | modal-content |
| Sl.No. | Disease Factor | Name of the combination | Form of the combination | Reference | Combination products | Procedure |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | मूत्रकृच्छ्र - Mutra kruchra - Disease spectrum of dysuria, oliguria | ऊषकादि गणम् - Ushakadi Ganam | बहुरूपम् - Bahurupam - Various Forms | अ.सं.हृ.सू.१५ / २३, अ.सं.सू.१६/१२ | ||
| 2 | अश्मरि - Ashmari - Diseases with Nephrolithiasis / Renal Calculi | ऊषकादि गणम् - Ushakadi Ganam | बहुरूपम् - Bahurupam - Various Forms | अ.सं.हृ.सू.१५ / २३, अ.सं.सू.१६/१२ | ||
| 3 | गुल्म रोगम् - Gulma Rogam - Disease spectrum with various Abdominal swellings / tumours/ Cysts | ऊषकादि गणम् - Ushakadi Ganam | बहुरूपम् - Bahurupam - Various Forms | अ.सं.हृ.सू.१५ / २३, अ.सं.सू.१६/१२ | ||
| 4 | मेदोरोग (Medoroga, Diseases associated with F | ऊषकादि गणम् - Ushakadi Ganam | बहुरूपम् - Bahurupam - Various Forms | अ.सं.हृ.सू.१५ / २३, अ.सं.सू.१६/१२ | ||
| 5 | कफज व्याधि (Diseases associated with Kapha) | ऊषकादि गणम् - Ushakadi Ganam | बहुरूपम् - Bahurupam - Various Forms | अ.सं.हृ.सू.१५ / २३, अ.सं.सू.१६/१२ | ||
| 6 | कफमेदज व्याधि (Kaphamedaja Vyadhi) | ऊषकादि गणम् - Ushakadi Ganam | बहुरूपम् - Bahurupam - Various Forms | अ.सं.हृ.सू.१५ / २३, अ.सं.सू.१६/१२ |
| Disease Factors |
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| Type | Operator | Value | Unit | Frequency | Duration | Comment |
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